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गोरखपुर स्कूल की छुट्टी के बाद एक मासूम बच्ची अपने बड़े सपने और हौसले के साथ सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गई। बच्ची की एक ही चाहत थी—डीएम से मिलना, क्योंकि उसका सपना है कि वह भी जिलाधिकारी (DM) बने।
जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात के दौरान बच्ची ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी इच्छा जाहिर की—“हमको भी डीएम बनना है।” बच्ची की यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए और उसके जुनून व आत्मविश्वास की सराहना की।
डीएम दीपक मीणा ने बच्ची से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उसका उत्साह बढ़ाया और कड़ी मेहनत, अनुशासन और पढ़ाई को सफलता की कुंजी बताते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सपने वही पूरे होते हैं, जिनके पीछे सच्ची लगन और निरंतर प्रयास होते हैं।
इस मुलाकात ने यह संदेश दिया कि छोटे कदम और बड़े सपने किसी भी बच्चे को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। बच्ची की मासूमियत और हौसले ने सभी का दिल जीत लिया।

