![]() |
महराजगंज। फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम भगवतनगर परसिया निवासी निर्मला देवी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एकपक्षीय कार्रवाई और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पारिवारिक विवाद के दौरान उसकी देवरानी हेमवंती, उसके पुत्र सत्यप्रकाश सहित अन्य लोगों ने उस पर और उसके बेटे संतोष पर हंसुआ से जानलेवा हमला किया, जिसमें संतोष के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
निर्मला देवी के अनुसार, घटना के बाद जब वह फरेंदा थाने पहुंची तो मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय केवल चालान की कार्रवाई कर आरोपियों को छोड़ दिया, जिससे उसे न्याय नहीं मिल सका।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष की कथित पुलिस से मिलीभगत के चलते कंबाइन मशीन से जबरन खड़े धान की कटाई कराई गई। शिकायत करने पर थाना क्षेत्र के एक दरोगा और एक कांस्टेबल द्वारा उसके तथा उसके बेटे के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया।
महिला का दावा है कि उसे थाने में बैठाकर डराया-धमकाया गया तथा उसके नाबालिग बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि नाबालिग बेटे को मारते-पीटते हुए थाने ले जाया गया, जिससे पूरा परिवार भय और मानसिक तनाव में है।
पीड़िता का कहना है कि लगातार बढ़ते दबाव के कारण क्षेत्र में किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, उपरोक्त सभी आरोप पीड़िता द्वारा लगाए गए हैं।
इस संबंध में पुलिस पक्ष जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। पुलिस का पक्ष आना शेष है।

