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जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर को अचानक हरिवंश की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल महराजगंज जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर और जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं जेल प्रशासन का दावा है कि बंदी को समय पर नियमानुसार चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
मृतक के शव का बुधवार को मोहनवा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजन गहरे सदमे में नजर आए। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार अत्यंत गरीब है और झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करने को मजबूर है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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