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महराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एनसीसी कैडेट नगमा को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों ने बुरी तरह फंसाया। पीड़िता नगमा डोमा कांटी गांव की रहने वाली हैं और वे एक इंटरमीडिएट कॉलेज में 12वीं की छात्रा हैं। साथ ही, वे कॉलेज में एनसीसी का भी हिस्सा हैं। इस घटना ने न केवल परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
शुरुआत एनसीसी ट्रेनिंग से: 10 अगस्त 2025 को नगमा मठलार सलेमपुर में एनसीसी की फायरिंग ट्रेनिंग के लिए गई थीं। वहां उनकी मुलाकात धीरज कुमार नामक व्यक्ति से हुई, जो खुद को एनसीसी से जुड़ा बताकर आया था। धीरज ने नगमा की तारीफ की और कहा कि वे उन्हें आर्मी में भर्ती करवा देंगे। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दे दिया।
गोरखपुर बुलावा: 23 सितंबर 2025 को धीरज ने फोन किया और नगमा को गोरखपुर बुलाया। अगले दिन, 24 सितंबर को नगमा घर से निकल पड़ीं। शाम को गोरखपुर बस स्टैंड पर पहुंचने पर धीरज पहले से मौजूद था। उन्होंने नगमा को तुरंत सेना की वर्दी पहनाई, ताकि झांसा मजबूत हो सके।
फर्जी ट्रेनिंग और मेडिकल: 25 सितंबर को धीरज ने नगमा को एक फील्ड में ले जाकर दौड़ लगवाई। वहां पहले से 5 लड़कियां और 6 लड़के मौजूद थे। सभी को 'ट्रेनिंग' दी गई। इसके बाद, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पास ब्लड जांच कराई गई, जो पूरी तरह फर्जी थी। ठगों ने बताया कि सेना में भर्ती के लिए 2.70 लाख रुपये लगेंगे। नौकरी की लालच में नगमा फंस गईं।
पुष्कर का सफर और झूठा वादा: इसके बाद नगमा समेत 5 अन्य लड़कियों को बस से राजस्थान के पुष्कर ले जाया गया। वहां अंगद मिश्रा नामक व्यक्ति से मिलवाया गया, जिसे 'सीओ' (कमांडिंग ऑफिसर) बताया गया। अंगद ने कहा कि नौकरी उनके हाथ में है और मार्च 2026 में जॉइनिंग लेटर मिल जाएगा। रुपये मांगने के बाद नगमा को सेना की वर्दी के साथ घर भेज दिया गया।
सच्चाई का खुलासा: घर लौटने पर परिवार ने नगमा को वर्दी में देखकर खुशी से झूम उठे। उन्होंने पूरे गांव में परेड कराई और नौकरी पक्की होने की खुशियां मनाईं। लेकिन जल्द ही शक हुआ और सच्चाई सामने आई कि यह सब धोखा था। नगमा ने ठगों को रुपये नहीं दिए थे, लेकिन परिवार का मानसिक सदमा गहरा हो गया।
पुलिस कार्रवाई: थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार, नगमा की तहरीर पर धीरज कुमार और अंगद मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है और दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला एनसीसी कैडेट्स और युवाओं के बीच नौकरी के फर्जी वादों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है।
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