गोरखपुर पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, 10,000 रुपये का इनामी हत्यारा हुआ गिरफ्तार

Satya Prabhat News
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गोरखपुर अपराध की दुनिया में दहशत का पर्याय बन चुके हेमंत शर्मा उर्फ मोनू शर्मा को आखिरकार गोला थाना पुलिस ने धर दबोचा। पुरानी रंजिश में बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले इस इनामी अपराधी की तलाश पुलिस को लंबे वक्त से थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बाद शुरू हुए अभियान में यह बड़ी सफलता मंगलवार को हाथ लगी।

7 मार्च 2025 को हुई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। हेमंत शर्मा ने वादी के बेटे पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हत्या, SC/ST एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा नंबर 90/2025 के तहत अभियुक्त फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस की चतुर रणनीति गोला थाने के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवि सेन यादव और उनकी टीम ने अभियुक्त को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। कांस्टेबल राकेश यादव, रामबाबू यादव और प्रतीक यादव की मदद से सटीक दबिश दी गई। आखिरकार, खिरकिटा दिगर गांव के रहने वाले हेमंत को हिरासत में ले लिया गया।

हेमंत शर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड भी कम चौंकाने वाला नहीं है। मारपीट, गाली-गलौज, छेड़छाड़ और धमकी जैसे कई मामलों में वह पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है। 2019 और 2023 में भी उसके खिलाफ गोला थाने में केस दर्ज हुए थे, लेकिन इस बार हत्या जैसा संगीन जुर्म करने के बाद वह पुलिस की रडार पर था।पुलिस टीम की तारी फइस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में अपराध पर लगाम लगेगी। अभियुक्त के खिलाफ अब कोर्ट में सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है। गोरखपुर पुलिस का यह एक्शन न सिर्फ एक अपराधी की गिरफ्तारी की कहानी है, बल्कि कानून के रखवालों की मुस्तैदी का भी सबूत है। क्या यह कदम अपराध के खिलाफ जंग में मील का पत्थर साबित होगा? यह वक्त बताएगा

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