UP से लेकर राजस्थान तक नेटवर्क लड़कियों का करते थे अपहरण, फिर बना देते थे सरोगेट मदर,कैसे पकड़ा गया गिरोह का सरगना
महराजगंज जिले का मोहर्रम इस गिरोह का मुख्य आरोपित था। वह अपहृत लड़कियों को निचलौल में एक कमरे में बंद कर रखा था। सौदा तय होने पर उन्हें राजस्थान भेजता था। पिपराइच इलाके के जिस लड़की का अपहरण हुआ था उससे पूछताछ में कई तरह की सनसनीखेज जानकारी सामने आई।
मास्टरमाइंड मोहर्रम को पुलिस ने कैसे दबोचा?
इस गैंग का मास्टरमाइंड मोहर्रम उर्फ राहुल है,जो महराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र के बुढाडीह गांव का रहने वाला है. पिपराइच पुलिस ने 12 जुलाई की रात तिकोनिया जंगल में मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से अगवा की गई लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया. पूछताछ में नाबालिग लड़की ने कई चौंकाने वाले राज उजागर किए.
पीड़िता ने बताई आपबीती
लड़की ने बताया कि गैंग उसे मां बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार कर रहा था. इस मामले में पुलिस को यह भी पता चला है कि सहजनवा की रहने वाली सरिता, दिल्ली के देवा गुर्जर और राजस्थान के सरवनपुरी के भाई ने मिलकर 15 मार्च को पिपराइच से नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त की थी.
गोरखपुर से लेकर राजस्थान तक फैला नेटवर्क
फिलहाल पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.अब तक पुलिस राजस्थान के अजमेर जिले के गांधीनगर क्षेत्र से बागचंद जापति, हरमाड़ा के सरवनपुरी, आगरा के सन्नी और उसकी पत्नी राधा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस के मुताबिक,गिरोह महराजगंज, गोरखपुर, दिल्ली, आगरा और राजस्थान तक फैला हुआ है.अब पुलिस अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है
