गोरखपुर कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैम्पियरगंज में एक महिला कर्मचारी कहिए तो सूत्र आशा के द्वारा निजी आवास पर नार्मल या ऑपरेशन डिलीवरी के लिए आशा साथ मे मरीज को बहला फुसला कर ले जाते हुए। क्या आज तक किसी की नजर नही पड़ी।
यह कहीं दूर का दृश्य नहीं है यह ठीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैंपियरगंज महिला डिलीवरी हॉस्पिटल के ठीक सामने एक स्टाफ नर्स के रूम में कमीशन खोरी का धंधा इतना तेज हो गया है पैसे के लिए इसको तानाशाही व पावर या सेटिंग नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे। क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को यह जानकारी नहीं है
उनको पूरी जानकारी है लेकिन वह भी पैसे के आगे झुक जाते हैं कमीशन खोरी का जो सवाल है मुख्य चिकित्साधिकारी व उपजिलाधिकारी को क्या इसकी जानकारी नहीं है मीडिया के माध्यम से कई बार आवाज उठी है और उनके पास जानकारी है लेकिन वह भी कुछ नहीं कर सकते क्योंकि सब पैसे का खेल है
कमीशन खोरी का क्या सीएमओ साहब यह भी आपको झूठ लग रहा है कब तक ऐसे ही चिरफाड करवाते रहेंगे आप आखिर कैंपियरगंज हॉस्पिटल किस लिए खुला है उसको बंद कर दीजिए जब हर स्टाफ नर्स अपने कमरे में पूरी व्यवस्था के साथ लेस है जांच कर कार्यवाही करें सर
