महराजगंज जिले में नेपाल से होकर बहने वाले महाव नाले का तटबंध बुधवार को फिर से टूट गया, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया है। बरगदवा थाना क्षेत्र के चकरार गांव के पास लगभग 10 मीटर लंबा तटबंध ध्वस्त होने से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई, और किसानों की धान, सब्जी व अन्य फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 20 दिनों में यह दूसरी बड़ी घटना है, और लगातार टूट-फूट से उनकी खेती का भविष्य खतरे में पड़ गया है। सिल्ट की परत जमने से मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक मुन्ना सिंह ने किसानों की परेशानियों को सुनते हुए प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी मरम्मत की मांग की। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि आबादी वाले इलाके सुरक्षित हैं, लेकिन सिंचाई विभाग की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है। नौतनवा एसडीएम नवीन कुमार ने भी निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नेपाल की भारी बारिश से बढ़े जलस्तर के कारण हुई इस घटना पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।
किसान संगठनों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने करोड़ों रुपये के आवंटन के बावजूद तटबंध की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं की, जिसके चलते यह समस्या बार-बार हो रही है। जिले में अन्य नदियों-नालों का जलस्तर भी खतरे के निशान पर है, और बाढ़ राहत टीम अलर्ट पर हैं।

