19 जुलाई 2024 : मनमाने तरीके से मरीजों से इलाज और जांच का पैसा वसूलते है

Satya Prabhat News
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रेट पर शासन प्रशासन का नही है कोई लगाम !
शासन प्रशासन द्वारा जांच और इलाज का नही है कोई रेट निर्धारित ।
रेट को लेकर शासन प्रशासन का जारी नहीं है कोई गाइडलाइन ।
क्षेत्र के बृजमनगंज, बहदुरी बाजार, कोल्हुई बाजार, बंगला चौराहा, अहिरौली, सोनाबंदी, हेडियाकोट, लेहरा बाजार, मिश्रवलिया, विश्रामपुर चौराहा, मैनहवा चौराहा, लालपुर, इलाहाबास चौराहा, अड्डा बाजार, लोटन बाजार आदि जगहों पर करीब 20 – 30 पैथोलॉजी लैब,15 – 20 हॉस्पिटल और 150 – 200 के बीच क्लीनिक है । जिसमें ज्यादातर अपंजीकृत और मानकविहीन है ।
कुछ क्लीनिक और जांच केंद्रों पर कोई भी शुल्क निर्धारित नहीं है । ये मनमानी तारीके से बेचारे गरीब और असहाय मरीजों से पैसा वसूलते है । ये बेखौफ मरीजों से ज्यादा पैसा वसूलते है । इन्हे शासन प्रशासन का कोई डर नहीं रहता है । कहीं तो केवल CBC टेस्ट का 800 रूपए कहीं तो 2000 रूपए तक ले लेते है ।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ क्लीनिक अपने यहां ईलाज कराने आए मरीजों को अपने यहां जांच कराने के लिए बाध्य करते है । कहते है दूसरे के यहां के रिपोर्ट पर ईलाज नहीं करेंगे । इनके यहां जांच की सुविधा और अथॉरिटी न होने पर भी गरीब और असहाय मरीजों पर दबाव बनाकर जांच का सैंपल निकालकर, किसी लैब में अपने हिसाब से बीमारी का फेक रिपोर्ट बनवाते है और मरीजों से जांच के नाम पर चार से पांच गुना ज्यादा पैसे वसूलते है ।
कुछ क्लीनिक और जांच केंद्र की आपस में मिली भगत होती है । जिसमे चिकित्सक अपने हिसाब से मरीज की स्थिति देखकर पैथोलॉजी पर किसी बीमारी की फेक रिपोर्ट बनवा देते है और ज्यादा दिनों तक ईलाज के नाम पर मरीजों से खूब पैसा वसूलते है । ज्यादातर ऐसा अपंजीकृत और मानकविहीन क्लीनिक और पैथोलॉजी वाले करते है ।
सूत्रों से पता चला है की कुछ अपंजीकृत और मानकविहीन पैथोलॉजी वाले कहते है की मेरी पहुंच और जुगाड़ ऊपर तक है । मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मैं तो ऐसे ही अवैध रूप से मनमाने तरीके से संचालित करूंगा । शासन प्रशासन की नजर इन पर नहीं पड़ती ।


*उत्तर प्रदेश हेड एके मिश्रा*

*राष्ट्रीय मीडिया संघ प्रदेश उपाध्यक्ष*

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