उत्तर प्रदेश हेड ए के मिश्रा
हम प्रार्थी कृष्णा साहनी पुत्र सुखदेव प्रसाद ग्राम पिपरा विशंभरपुर पोस्ट गोपालपुर जनपद महाराजगंज के अस्थाई निवासी हूं
महराजगंज फरेंदा थाना क्षेत्र कृष्णा साहनी पुत्र सुखदेव प्रसाद ग्राम पिपरा विशंभरपुर पोस्ट गोपालपुर हम प्रार्थी के माता-पिता जीवित है और दूसरे भाइयों के साथ रहते हैं हम प्रार्थी की पत्नी बबीता साहनी पति बालकृष्ण साहनी पता उपरोक्त है हमेशा हमें वह हमारे माता-पिता वह भाइयों के हमेशा काली कुत्ता देती है और अपने मायके के लोगों को बुलाकर मारने पीटने की धमकी देती है और धमकी देती है कि हमारे हिस्से की जमीन हमारे नाम करने की धमकी देती है कि कुछ साल पहले हम प्रार्थी का एक्सीडेंट हो गया तो हमारे घर वाले पैसा पूर्व करके हमें बचाए और हमसे सेव किया हैं कि हमारी पत्नी हमें छोड़कर मुंबई चली गई थी और जब हम ठीक हो गए तो हमारी पत्नी मुंबई से हमारे घर पर आई है तभी से हमारी पत्नी सभी को परेशान करती है और हम प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देती है कि आज दिनांक 4 9 2024 को 6:00 शाम को हमारी पत्नी हमें वह हमारी मां वे पिताजी को जान से मारने की नीयत से अपने मायके से अपने पिता लाल चंद साहनी पुत्र नाम अज्ञात है वह सेल धर्मेंद्र पुत्र लालचंद साथ लालचंद साहनी की पत्नी नाम अज्ञात वे चार पांच अन्य व्यक्ति का पता अज्ञात पता ग्राम मर्डर पोस्ट पाली थाना सहजनवा जिला गोरखपुर के 14 पहिया वाहन से लोहे की छठ लाठी भाला से लेस कर दी और हम लोगों को पति-पत्नी गाली गुप्ता देते हुए मारने पीटने लगे तो हम लोग चलाएं तो गांव की वह अगल-बगल के लोग इकट्ठा होकर बीट बचाव किया तो हम सभी लोगों की जान बची है तो उक्त लोग हमारे घर में खुश कर लूट पाठ किए हैं और धमकी दिए हैं कि आज तो बच गए अगली बार नहीं बच पाओगे तुम लोग को जान से मार कर तब दम लेंगे तो संपत के बंटवारा अपने आप हो जाएगा और हमेशा कोई कुछ नहीं कर पाएगा जिससे हमें सर वह पीठ में माता जी को पीठ में हुए हाथ में भी पिताजी को घुमताज पर गंभीर चोट लगी है जिसका डॉक्टरी करना अति आवश्यक है
लेकिन उसके बाद पुलिस प्रशासन कोई संज्ञान में नहीं लिया पुलिस प्रशासन का 4 दिन से काट रहा चक्कर थाने पर लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई ना ही मुलाहिजा हुआ इसके बाद आज दोबारा या घटना हो गया लड़की के घर वालों ने गाड़ियों में भरकर हमारे घर पर हमला बोल दिया इसके बाद अपरा तफरी मच गई लोगों ने पुलिस प्रशासन को बुलाया और थाने पर पहुंच उसके बाद भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई थी खबर लिखने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी दर-दर भटकने पर मजबूर हुए हम