पावर फुल महंत जिनके आगे प्रशासन भी रगड़ता है नाक

Satya Prabhat News
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 मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन कर्मस्थली पवित्र नगरी चित्रकूट धाम वर्तमान समय में केवल कहने मात्र को पवित्र रही गई है।शायद ही कोई अनैतिक कार्य हो जिसका गोरखधंधा यहां न चल रहा हो। और इन सबके ऊपर यहां चित्रकूट स्थित मठ मंदिरों के महंत हैं, जो अपने आप को प्रशासन से भी ऊपर समझते हैं।प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी इनके लिए केवल चू चू का मुरब्बा की माफिक हैं।और ये जब चाहें तब प्रशासनिक अधिकारियों से नाक रगड़वा लेते हैं। अभी बीते दिन रविवार की ही बात है,जब परिक्रमा मार्ग स्थित कलेक्टर प्रबंधित प्राचीन मुखारविंद मंदिर के एक पुजारी सत्यप्रकाश दास के कथित ड्राइवर द्वारा मंदिर में रखी दान पेटी का पल्ला खींचकर तोड़ दिया गया।जिसके चलते हड़कंप मच गया।आनन फानन में दूसरे पुजारियों द्वारा इसकी सूचना एसडीएम और तहसीलदार को दी गई।चुनावी व्यस्तता के चलते शाम लगभग चार पांच बजे चित्रकूट पहुंचे एसडीएम जितेंद्र वर्मा द्वारा दान पेटियों की धनराशि सुरक्षित रखवाए जाने की औपचारिकताएं शुरु की गई।और दूसरे दान पेटी की चाभी पुजारी सत्यप्रकाश दास से लाने के लिए कहा गया।दूसरी दान पेटी की चाभी लाने के बहाने सत्यप्रकाश दास एसडीएम , तहसीलदार को गच्चा देकर निकल गए।और एसडीएम , तहसीलदार व थाना प्रभारी के बार बार फोन करने के बाद भी वापस नहीं लौटे।मजबूरन एसडीएम जितेंद्र वर्मा को वेल्डिंग मशीन बुलवाकर टूटी दान में वेल्डिंग करवाकर बंद करवाना पड़ा। पुजारी सत्यप्रकाश दास द्वारा केवल दान पेटी की चाभी ही नहीं दी गई।बल्कि मंदिर के छः - सात कमरों में अवैध रूप से ताला भी बंद करके रखा गया है।और प्रशासनिक अधिकारी उस पुजारी सत्यप्रकाश दास से कमरों का ताला भी नहीं खुलवा पा रहे हैं,जिसकी पुजारी के रुप मे नियुक्ति खुद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई है।अगर इसके कुछ और पहले की बात की जाए, तो चित्रकूट स्थित प्रमुख मंदिर कामदगिरि प्रदक्षिणा का प्रमुख द्वार राम मोहल्ला की अतिक्रमण करके बनाई गई एक दीवार को तत्कालीन मझगंवा एसडीएम पीएस त्रिपाठी द्वारा तुड़वा दिया गया था।जिसके कि मेला अवसरों पर तीर्थ यात्रियों के लिए सुगम मार्ग बनाया जा सके।लेकिन इस प्रकरण पर भी महंतों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों की नाक रगड़वाते हुए पुनः सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण कर दीवार का निर्माण करवा लिया गया।अभी इतना ही नहीं,राम मोहल्ला मंदिर प्रबंधन द्वारा खुलेआम अवैध रूप से दो दुकानों का भी निर्माण करवा लिया है।और प्रशासनिक अधिकारी केवल नोटिस - नोटिस का खेल खेलकर चुप हो गए।अब इससे आप खुद अंदाजा लगा लीजिए कि चित्रकूट एमपी क्षेत्र में महंतों के सामने प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों की क्या हैसियत रह गई है

महराजगंज से अजय मिश्रा की ख़ास रिपोर्ट



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